एडमिनिसट्रेटिव टूल्स ( Administrative Tools )
कम्प्यूटर में भरी हुई सूचनाओं और प्रोग्रामों की सुरक्षा के लिए विण्डोज़ में कई सुविधाएँ उपलब्ध हैं, जिन्हें एडमिनिसट्रेटिव टूल्स कहा जाता है। यह आपके Control Panel मेन्यू के System And Security सब-मेन्यू के Administrative Tools में उपलब्ध हैं। एडमिनिसट्रेटिव टूल्स सब-मेन्यू निम्न चित्र में दिखाया गया है
इसमे कई प्रोग्राम्स हैं, जो विभिन्न कार्यों के लिए होते हैं। इनमें से कुछ अति महत्त्वपूर्ण प्रोग्रामों के उपयोग निम्नलिखित हैं -
(1) डिस्क क्लीनअप Disk Cleanup
इस प्रोग्राम का प्रयोग हार्ड डिस्क पर बेकार पड़ी हुई फाइलों का पता लगाकर उन्हें हटाने के लिए किया जाता है। Administrative Tools मेन्यू में Disk Cleanup विकल्प को क्लिक करने पर इसका डायलॉग बॉक्स निम्न विण्डो की भाँति खुल जाता ।
इस डायलॉग बॉक्स में उन फोल्डरों और फाइलों की सूची दिखाई जाती है,जो बहुत समय से डिस्क पर बेकार रखी हुई हैं और जिनका उपयोग नहीं हुआ है। इस लिस्ट में उन फाइलों के सामने टिक करके सही का चिह्न लगा दीजिए, जिन्हें आप हटाना चाहते हैं, यदि आप किसी फोल्डर की फाइलों के नाम देखना चाहते हैं, उसे चुनकर View Files बटन को क्लिक कीजिए। इससे उसमें स्टोर फाइलों के नाम एक नई विण्डो में दर्शाए जाएँगे।
डिलीट की जाने वाली फाइलों के नाम के सामने सही का चिह्न लगाने के बाद OK बटन को क्लिक कीजिए। ऐसा करते ही पहले आपको इस कार्य की पुष्टि करने के लिए एक छोटा-सा डायलॉग बॉक्स दिया जाएगा। उसमें Yes बटन को क्लिक करते ही उन फाइलो को आपकी डिस्क से हटा दिया जाएगा और उसका बहुत-सा स्थान आपके उपयोग के लिए उपलब्ध हो जाएगा।
(2) डिस्क डिफ्रेग्मेण्टर Disk Defragmenter
यह विण्डोज़ का एक बहुत उपयोगी प्रोग्राम है। इससे कई टुकड़ों में बँटी हुई फाइलों के सभी टुकड़े एक स्थान पर आ जाते हैं और फाइलों के बीच का खाली स्थान समाप्त होकर, एक जगह आ जाता है। इससे न केवल डिस्क की उपयोगिता बढ़ जाती है, बल्कि कम्प्यूटर का ऐसा बहुत सा समय बच जाता है जो टुकड़ों में बँटी हुई किसी फाइल को उपयोग करने में अनावश्यक रूप से लग जाता है।
इससे कम्प्यूटर की स्पीड बढ़ जाती है। इसलिए यदि आपको ऐसा प्रतीत होता है कि किसी फाइल को पूरा खोलने में है कम्प्यूटर आवश्यकता से अधिक समय ले रहा है और कम्प्यूटर धीमा हो गया है, तो आपको डिस्क डिफ्रेग्मेण्ट कर लेना चाहिए। इस कार्य में कई घण्टे लग जाते हैं इसलिए इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि बिजली अचानक न चली जाए। इसके लिए यूपीएस में पर्याप्त बैटरी बैकअप होना चाहिए।


