एम.एस. एक्सल, एम.एस. ऑफिस का ही एक महत्वपूर्ण भाग है। यह एक स्प्रेडशीट प्रोग्राम है जिसमें डाटा को सारणीबद्ध (Tabular Form) रूप में प्रस्तुत किया जाता है। सारणीबद्ध सूचनाओं को तकनीकी भाषा में वर्कशीट (Worksheet) कहते हैं जहां सूचनाएं रो (Row) एवं कॉलम (Column) में व्यवस्थित होती हैं। एक्सल का प्रयोग वर्कशीट के अतिरिक्त डाटाबेस (Database) एवं ग्राफिक्स (Graphics) में भी बहुतायत में किया जाता है। जैसे-किसी कम्पनी में वस्तुओं के उत्पादन को डाटा के साथ ग्राफिक्स रूप में भी व्यक्त किया जा सकता है तथा इसमें फीड किए गए डाटा की फॉर्मेटिंग भी आसानी से की जा सकती है।
एम.एस. एक्सल के अनेक संस्करण (Version) बाजार में उपलब्ध हैं। जैसे- MS Excel 2000, MS
Excel 2003, MS Excel 2007, MS Excel 2010, MS Excel 2013 और MS Excel 2016 आदि।
एम. एस. एक्सल में बनाई गई फाइलों को वर्कबुक (Workbook) कहा जाता है। एक वर्कबुक में अनेक वर्कशीट बनाई जा सकती हैं जो मशीन की उपलब्ध मेमोरी पर निर्भर करता है तथा प्रत्येक वर्कबुक रो एवं कॉलम में विभाजित होती है। प्रत्येक रो अथवा कॉलम का एक नाम होता है जिसे इनका लेबल (Label) कहा जाता है। प्रत्येक वर्कशीट में अधिकतम 16384 कॉलम (A to XFD) एवं 1048576 रो ( 1 to 1048576) होती है। रो एवं कॉलम न में जहां आकर मिलते हैं उसे सैल (Cell) कहा जाता है। एक्सल में प्रत्येक डाटा के प्र सैल में ही टाइप किया जाता है। वह सैल जिसमें डाटा टाइप किया जाता ता है है, करन्ट सैल (Current Cell) कहलाता है। प्रत्येक सैल का एक एड्रेस होता है, जो उसके कॉलम एवं रो को प्रदर्शित करता है जैसे-यदि किसी सैल का नाम AS है तो इसका अर्थ है कि यह सैल कॉलम A एवं रो 5 से मिलकर बना है। माइक्रोसॉफ्ट एक्सल में वर्कबुक या फाइल का विस्तारक (Extension) नाम XLS होता है।
