ग्राफिकल यूजर इन्टरफेस (Graphical User Interface) - एक्सल एक GUI सिद्धान्त पर आधारित सॉफ्टवेयर है अर्थात् इसके अन्तर्गत यूजर एवं सॉफ्टवेयर के मध्य सूचना का आदान-प्रदान चित्रों के माध्यम से होता है, जिससे इस सॉफ्टवेयर पर आसानी से कार्य किया जा सकता है।
2. स्वतः पुनर्गणना (Automatic Recalculation) - एक्सल में बनाई गई टेबल के किसी सूत्र के मान (Value) में यदि परिवर्तन किया जाता है तो एक्सल स्वतः ही पुनर्गणना कर परिणाम को अपडेट (Update) कर देता है।
3. क्शनों का प्रयोग (Use of Functions) - एक्सल में अनेक कार्यों के लिए पूर्वनिर्मित प्रोग्राम होते हैं जिन्हें गणना के प्रयोग में लेने पर यूजर गणना में लम्बी प्रक्रिया से बच जाता है एवं शीघ्र परिणाम प्राप्त हो जाते हैं। यह फंक्शन अनेक प्रकार के होते हैं, जैसे-गणितीय, सांख्यिकीय, वित्तीय, तार्किक आदि मुख्य हैं।
4. फॉर्मेटिंग (Formatting) - एक्सल, एम. एस. वर्ड की तरह वर्कबुक को आकर्षक बनाने के लिए फॉर्मेटिंग की सुविधा प्रदान करता है। एक्सल टेक्स्ट के साथ-साथ नम्बर्स, तिथि आदि भी विभिन्न फॉर्मेट में डालने की अनुमति प्रदान करता है।
5. डाटाबेस (Database) - एक्सल में उपलब्ध डाटा को उचित प्रकार से संग्रहित व नियंत्रित किया जा सकता है। डाटा को यूजर अपने अनुसार सोर्ट, फिल्टर के अतिरिक्त उनसे रिपोर्ट भी तैयार कर सकता है।
6. ग्राफ बनाना (Creating Graph) - सारणीबद्ध सूचनाओं के डाटा को प्रभावी रूप से प्रदर्शित करने के लिए डाटा को ग्राफ के रूप में प्रदर्शित किया जा सकता है, जिससे उनका विश्लेषण अच्छी तरह किया जा सके। चार्ट (Chart) डाटा को पढ़ने व समझने में आसान बना देते हैं। एक्सल के द्वारा कई प्रकार के चार्ट जैसे- Column, Bar, Line, Pie XY Scatter, Area, Donut,
Surface, Bubble, Radar, Stock आदि बना सकते हैं।
7. एडिटिंग (Editing)-एक्सल वर्कशीट में एक बार डाटा टाइपिंग के पश्चात् संशोधित किया जा सकता हैं। संशोधन (Editing) के अन्तर्गत नया डाटा टाइप करना, पुराना डाटा डिलीट करना या उसमें परिवर्तन करना होता है।
8. सेविंग एवं प्रिंटिंग (Saving and Printing) - एक्सल में बनाई गई सभी वर्कशीट को फाइल के रूप में सैकेण्डरी स्टोरेज में भविष्य के लिए संग्रहित किया जा सकता है, एवं प्रिंटर के द्वारा वर्कशीट की हार्डकॉपी भी प्राप्त की जा सकती है।
