Computer Operator And Programming Assistant

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 कम्प्यूटर के अनुप्रयोग (APPLICATIONS OF COMPUTERS)



कम्प्यूटर की विभिन्न क्षेत्रों में उपयोगिता निम्न प्रकार है -

1. शिक्षा में (Education) – 

कम्प्यूटर का शिक्षा में बहुत योगदान है। विद्यालयों में छोटी कक्षाओं से ही छात्रों को कम्प्यूटर का ज्ञान दिया जाने लगा है। बड़ी कक्षाओं के छात्र कम्प्यूटर का उपयोग करके विभिन्न विषय पढ़ सकते हैं तथा अपनी समस्याओं का हल कम्प्यूटर से पा सकते हैं।


2. व्यवसाय में (Trade) - 

कम्प्यूटर का उपयोग व्यापार में बहुतायत में किया जा रहा है. ग्राहकों के पते, कच्चे माल का रिकॉर्ड, स्टाफ की जानकारी, कर्मचारियों के वेतन, बिल आदि का कार्य कम्प्यूटर से किया जा रहा है जिससे समय पर सूचना मिलने के साथ-साथ कार्य भी तीव्र गति से होने लगा है। इससे व्यापार में लाभ-हानि की जानकारी, भण्डार के रिकॉर्ड की जानकारी भी शीघ्र प्राप्त हो जाती है।


3. चिकित्सा में (Medical) -

कम्प्यूटर के बिना आज सूक्ष्म चिकित्सा सम्भव नहीं है क्योंकि समस्त चिकित्सीय परीक्षण कम्प्यूटर द्वारा किए जाते हैं चाहे वह कोई पैथोलॉजी की जांच हो या ECG, X-Ray हो अथवा जीव विज्ञान से संबंधित खोज, सभी कम्प्यूटर पर निर्भर है।


4. मनोरंजन में (Entertainment) - 

कम्प्यूटर का मनोरंजन के क्षेत्र में भी बहुत उपयोग किया जा रहा है। कम्प्यूटर पर मनोरंजन के लिए खेल खेले जाते हैं। इनमें बौद्धिक क्षमता का भी विकास होता है, फिल्मों में कम्प्यूटर द्वारा एडीटिंग (Editing) में की जाती है। संगीत में इसका उपयोग रिकॉर्डिंग (Recording) में तथा धुनें तैयार करने में किया जाता है।


5. शोध कार्यों में (Research work) - 

कम्प्यूटर का प्रयोग वायुयान डिजाइनिंग के विकास में, मिसाइल के विकास में, मौसम की भविष्यवाणी में, खगोलशास्त्रीय शोध में एवं उपग्रह डिजाइनिंग आदि में किया जा रहा है।


6. ज्योतिष में (Astrology) - 

ज्योतिष गणनाओं में कम्प्यूटर बहुत सहायक रहा है. ज्योतिष के लिए जिन गणनाओं की आवश्यकता होती है वह कम्प्यूटर द्वारा कुछ क्षणों में कर दी जाती है जैसे जोड़ों का मिलान, जन्मपत्री बनाना आदि।


7. इंटरनेट में (Internet) - 

कम्प्यूटर का वर्तमान में संचार व्यवस्था में भी उपयोग किया जा रहा है। इंटरनेट का उपयोग कर किसी भी विषय से संबंधित सूचना को खोजा जा सकता है। ई-मेल (E-mail) के द्वारा पत्रों को एक कम्प्यूटर से विश्व के किसी भी दूसरे कम्प्यूटर पर भेजा जा सकता है। कम्प्यूटर वेब पेज तैयार करके तथा इनमें विभिन्न सूचना प्रदान करके इंटरनेट द्वारा प्रसारित कर दिए जाते हैं।


8. बैंकों में (Banks) - 

बैंकों में हो रहे सभी वित्तीय लेन-देन की गणना, ऋण व उसके ब्याज की गणनाएं आदि कम्प्यूटर द्वारा की जाती है। बैंक के सभी वित्तीय रिकॉर्ड कम्प्यूटर की संग्रहण इकाई (मेमोरी) में सुरक्षित रखे जाते हैं। ATM के माध्यम से खाताधारी अकाउंट (Account) की जानकारी व पैसों का लेन देन किसी भी शहर में रहकर कर सकता है।


9. यातायात में (Transport) - 

आजकल एयरलाइनों, रोडवेज व रेलवे में कम्प्यूटर का प्रयोग बहुतायात में किया जा रहा है। यात्री किसी भी स्टेशन से किसी भी दूसरे स्टेशन का टिकट ले सकता है। ट्रेन/फ्लाइट संबंधी जानकारी ऑनलाइन (Online) उपलब्ध होती है। कम्प्यूटर का प्रयोग रेलवे आरक्षण में अत्यधिक होने लगा है। आजकल की भागती-दौड़ती जिन्दगी में टिकट काउन्टर पर जाकर टिकट आरक्षित करना कष्टदायी सा हो गया है। कम्प्यूटर की सहायता से यात्री कहीं से भी अपनी सुविधा अनुसार किसी भी गन्तव्य के लिए टिकट आरक्षित करवा सकता है। टिकट आरक्षित करने के लिए उसे स्टेशन जाने की आवश्यकता नहीं है। वह घर बैठे या ऑफिस बैठे भी टिकट बुक करवा सकता है। इस प्रकार आरक्षण करना अत्यन्त सुगम व सरल है। कम्प्यूटर की सहायता से यात्री न केवल टिकट बुक करा सकता है बल्कि वह रेलवे व ट्रेनों से जुड़ी अन्य जानकारी भी प्राप्त कर सकता है जैसे-सीटों की संख्या, ट्रेन के आने-जाने का समय, ट्रेन की वर्तमान स्थिति आदि।


10. ऑफिसों में (Offices) - 

आजकल कार्यालय सरकारी हो या गैर सरकारी सभी में कम्प्यूटर आवश्यक हो गया है क्योंकि कम्प्यूटर के प्रयोग से कोई भी डॉक्यूमेन्ट (Document) तुरन्त बनकर तैयार हो जाता है। एक बार डॉक्यूमेन्ट (Document) तैयार होने के बाद इसे सुरक्षित (Save) कर दिया जाता है एवं कभी भी आवश्यकता पड़ने पर इसे पुनः टाइप (Type) करने की आवश्यकता नहीं पड़ती। दस्तावेज त्रुटि रहित एवं सुन्दर भी बनाया जा सकता है। वेतन बिल, निविदा का कार्य, टेबल प्रिन्टिंग एवं डाटाबेस के समस्त कार्य कम्प्यूटर से किए जाने लगे हैं जिससे समय की भी बचत होती है।


11. बिलों के भुगतान में (Payment of Bills) - 

पहले बिल के भुगतान के लिए लोगों को उसके कार्यालय के बिलिंग काउन्टर पर स्वयं जाकर बिल जमा करवाना पड़ता है। परन्तु कम्प्यूटर के प्रयोग से आजकल बिल ऑनलाइन ही जमा हो जाते है। इसमें समय भी कम लगता है व यह सुगमता से हो जाता है। बिलों के भुगतान को सरल बनाने के लिए सरकार ने ई-मित्र आरम्भ किया है। यदि आपके पास बिल जमा करने के लिए। ई-मित्र शॉप या निर्दिष्ट कार्यालय में जाने का समय नहीं है। तो आप घर या ऑफिस या अन्य कहीं भी बैठकर ऑनलाइन बिलों का भुगतान सुगमता से कर सकते हैं।


12. ई-गवर्नेन्स (E-Governance)- 

इसका पूरा नाम इलैक्ट्रॉनिक गवर्नेमेट है। इसे डिजिटल गवर्नेमेंट भी कहा जाता है। यह नागरिकों एवं सरकार के मध्य डिजिटल सम्बन्ध स्थापित करता है एवं व्यवसाय तथा सरकार एवं संस्थाओं के मध्य संबंध स्थापित करता है। इसकी सहायता से लोग घर बैठे-बैठे ही निम्न कार्य कर सकते हैं

(i) वायुयान, रेल गाड़ी में सीट की बुकिंग

(ii) ऑनलाइन गैस बुकिंग

(iii) सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्राप्त करना व उसका प्रयोग करना 

(iv) बैंकिंग लेन-देन करना

(v) बिलों का भुगतान करना

(vi) फोटो पहचान पत्र, पासपॉर्ट व आधार कार्ड बनवाना आदि में

(vii) विभिन्न सरकारी विभाग से जानकारी प्राप्त करना व शिकायत दर्ज करवाना। ई-गवर्नेन्स का सबसे उत्तम उदाहरण ई-मित्र है।

(viii) जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र लेना।

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