Computer Operator And Programming Assistant

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अभिकल्पन एवं अनुप्रयोग के आधार पर (ACCORDING TO DESIGN AND APPLICATION)

1. एनालॉग कम्प्यूटर (Analog Computer)

ये कम्प्यूटर, भौतिक राशियों जैसे ताप, दाब, द्रव के प्रवाह आदि पर कार्य करते हैं। ये कम्प्यूटर गिनने की बजाय मापकर गणना करते हैं। इनका उपयोग वहां किया जाता है जहां पर ताप, दाब, धारा अथवा विद्युत विभव को लगातार मापना होता है।

इनका उपयोग इंजीनियरिंग व विज्ञान के क्षेत्र में अधिक होता है क्योंकि वहां मात्राओं के रूप में गणना का कार्य अधिक होता है। इस प्रकार के कम्प्यूटर पर प्रोग्रामिंग का ज्ञान होना आवश्यक नहीं है। इन कम्प्यूटर की शुद्धता 99.99% होती है। एनालॉग सिग्नल सदैव सतत् प्रकार के होते हैं और डिजिटल सिग्नल असतत् होते हैं।

उदाहरण: एक पेट्रोल पम्प पर लगा एनालॉग कम्प्यूटर पम्प से निकले पेट्रोल की मात्रा को माप कर लीटर में दिखाता है तथा उसके की गणना कर स्क्रीन पर दिखाता है।


2. डिजिटल कम्प्यूटर (Digital Computer)

वर्तमान में डिजिटल कम्प्यूटर का प्रयोग बहुतायत में हो रहा है। ये इनपुट के रूप में संख्याएं या आंकड़े लेते हैं जहां उन पर अंकगणितीय क्रियाएं की जाती है तथा आउटपुट के रूप में ये हमें आंकड़े ही प्रदान करते हैं। इन कम्प्यूटरों की शुद्धता 100% होती है। डिजिटल कम्प्यूटर में डाटा व निर्देश को एक साथ इनपुट किया जाता है व कम्प्यूटर निर्देशानुसार गणनाएं करके परिणाम को आउटपुट के रूप में प्रदान करता है।इस प्रकार के कम्प्यूटरों पर कार्य करने के लिए प्रोग्रामिंग का अच्छा ज्ञान होना आवश्यक है।


3. हाइब्रिड कम्प्यूटर (Hybrid Computer)

हाइब्रिड कम्प्यूटर में एनालॉग कम्प्यूटर व डिजिटल कम्प्यूटर के गुणों का समावेश होता है। हाइब्रिड कम्प्यूटर में डाटा को एनालॉग से डिजिटल में व डिजिटल से एनालॉग में परिवर्तित किया जा सकता है। हाइब्रिड कम्प्यूटर में लगातार परिवर्तित होने वाले डाटा को इनपुट के रूप में ग्रहण करके डिजिटल डाटा में परिवर्तित किया जाता है व परिणाम प्राप्त किए जाते हैं। डिजिटल प्रोसेसिंग तेज व शत प्रतिशत सही होती है। हाइब्रिड कम्प्यूटर में प्रोग्राम कम्प्यूटर की मेमोरी में संग्रहित होता है अतः प्रोग्रामिंग का ज्ञान होना अति आवश्यक नहीं है।

हाइब्रिड कम्प्यूटर का उपयोग अस्पतालों में बहुतायत में किया जा रहा है। जहां किसी रोगी के लक्षणों की विभिन्न जांचों, तापमान, रक्तचाप आदि को एनालॉग सिग्नल के रूप में कम्प्यूटर ग्रहण करता है व उसे डिजिटल सिग्नल में बदलकर परिणाम प्रदर्शित करता है जिसे यूजर आसानी से पढ़ व समझ सकता है। इन कम्प्यूटरों का हार्डवेयर जटिल होता है एवं ये कम्प्यूटर प्रायः महंगे होते हैं।

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