Computer Operator And Programming Assistant

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डेस्कटॉप ( Desktop )

विण्डोज़ 10 लोड हो जाने के बाद तथा उपयोगकर्ता लॉग ऑन हो जाने के बाद वीडीयू पर जो प्रारम्भिक स्क्रीन दिखाई पड़ती है, उसे डेस्कटॉप कहा जाता है। विण्डोज़ का प्रत्येक कार्य सामान्यतया डेस्कटॉप से ही प्रारम्भ होता है। यह अधिकतर प्रयोग किए जाने वाले ऑब्जेक्ट्स (Objects) को व्यवस्थित करने के काम में आता है। जो फोल्डर या दूसरे अवयव बार-बार प्रयोग किए जाते हैं, उन्हें डेस्कटॉप पर छोड़ (या रख) दिया जाता है। डेस्कटॉप के प्रमुख अवयव निम्नलिखित हैं।
[1] आइकन Icon

आइकन एक छोटी-सी ग्राफ़िक फोटो है, जो किसी भी प्रोग्राम के क्रियान्वयन का प्रतिनिधित्व करती है। जब हम माउस द्वारा इस आइकन पर क्लिक करते हैं, तो इससे सम्बन्धित प्रोग्राम क्रियान्वित (Execute) हो जाते हैं। इनका प्रयोग विण्डो वातावरण में होता है। इनके द्वारा प्रोग्राम, फाइल तथा फोल्डर को डेस्कटॉप पर दर्शाया जाता है तथा इनके नीचे प्रोग्राम, फाइल या फोल्डर का नाम लिखा होता है। ये आइकन प्रोग्राम के क्रियान्वयन के लिए शॉर्टकट (Shortcut) होते हैं। 

डेस्कटॉप पर उपलब्ध कुछ महत्त्वपूर्ण आइकन्स निम्न हैं -

(i) दिस पीसी This Pc

यह आइकन एक छोटे कम्प्यूटर के चित्र द्वारा दिखाई देता है। इसमें कम्प्यूटर में स्टोर किए गए प्रत्येक आइकन तथा डेटा की सूचना होती है। This PC पर कार्य करने के लिए पहले इसे खोला जाता है। किसी आइकन को खोलने के लिए माउस के प्वॉइण्टर को उस आइकन पर ले जाकर 'डबल क्लिक' किया जाता है या एक बार क्लिक करके Enter कुंजी दबाई जाती है।
ऐसा करते ही स्क्रीन पर This PC की विण्डो निम्न प्रकार दिखाई देती है-
This PC की विण्डो में बाईं ओर एक पट्टी होती है, जिसमें उपयोगी कार्यों और स्थानों के लिंक दिए होते हैं। विण्डो के शेष भाग को कन्टेन्ट एरिया (Content Area) कहा जाता है, जिसमें निम्नलिखित आइकन्स होते हैं
  • डॉक्यूमेंट फोल्डर के आइकॉन ।
  • हार्ड डिस्क ड्राइव के सभी पार्टीशनों के आइकन ।
  • प्रत्येक रिमूवेबिल डिस्क ड्राइव; जैसे- फ्लॉपी ड्राइव, सीडी ड्राइव आदि के आइकन्स।



(ii) डॉक्युमेण्ट्स Documents

इसे पूर्व के विंडोज संस्करणों में My Documents नाम से प्रदर्शित किया जाता था । Documents हमारा व्यक्तिगत (Personal) फोल्डर होता है। इसमें यूज़र द्वारा कम्प्यूटर पर तैयार किए गए डॉक्युमेण्ट को रखा जा सकता है। वैसे डॉक्युमेण्ट को किसी भी फोल्डर में स्टोर कर सकते हैं,लेकिन Documents फ़ोल्डर में अपनी सभी फ़ाइलों को सहेजने से उन्हें बैकअप लेना और ढूँढना आसान हो जाता है|

Documents Microsoft Windows का फ़ोल्डर हैं जो कंप्यूटर दस्तावेज़ों और आपके कंप्यूटर पर प्रोग्राम्स से संबद्ध अन्य फ़ाइलों को संग्रहीत करते हैं. उदाहरण के लिए, Microsoft Word में कोई फ़ाइल सहेजते समय, डिफ़ॉल्ट फ़ोल्डर Documents है| Documents फ़ोल्डर में अपनी सभी फ़ाइलों को सहेजने से उन्हें बैकअप लेना और ढूँढना आसान हो जाता है|

(iii) पिक्चर्स (Images)
 
इसे पूर्व के विंडोज संस्करणों में My Pictures नाम से प्रदर्शित किया जाता था । Images हमारा व्यक्तिगत (Personal) फोटो फोल्डर होता है। इसमें यूज़र द्वारा कम्प्यूटर पर तैयार या एडिट किए गए Images को रखा जा सकता है। वैसे Pictures को किसी भी फोल्डर में स्टोर कर सकते हैं,लेकिन डिफाल्ट Images फ़ोल्डर में अपनी सभी फोटो को सहेजने से उन्हें बैकअप लेना और ढूँढना आसान हो जाता है| 
Images Microsoft Windows ऑपरेटिंग सिस्टम में एक फ़ोल्डर है जिसका उपयोग चित्र फ़ाइलों को संग्रहीत करने के लिए किया जाता है | डिफ़ॉल्ट रूप से, जब कोई चित्र बनाया या किसी कंप्यूटर Windows में जोड़ा जाता है, तो वे मेरे चित्र फ़ोल्डर में सहेजे जाते है |



(iv) म्यूज़िक (Music) 

इसे पूर्व के विंडोज संस्करणों में My Music नाम से प्रदर्शित किया जाता था । Music Microsoft Windows का फ़ोल्डर हैं जो कंप्यूटर पर म्यूजिक सम्बंधित फाइल्स को व्यवस्थित तौर पर रखने हेतु उपयोग किया जाता है | वैसे म्यूजिक फाइल को किसी भी फोल्डर में स्टोर कर सकते हैं,लेकिन Music फ़ोल्डर में अपनी सभी म्यूजिक फ़ाइलों को सहेजने से उनका बैकअप लेना और ढूँढना आसान हो जाता है|

उदाहरण के लिए, Microsoft Windows Media Player में कोई फ़ाइल सहेजते समय, डिफ़ॉल्ट फ़ोल्डर Music है 



(v) रिसाइकिल बिन Recycle Bin 


यह विण्डोज़ ऑपरेटिंग सिस्टम का एक विशेष फोल्डर होता है, जिसकी सहायता से डिलीट हुई फाइलों तथा फोल्डरों को सरलता से रिस्टोर कर सकते हैं। 

हार्ड डिस्क से हटाई हुई प्रत्येक फाइल या फोल्डर तुरन्त रिसाइकिल बिन में डाल दी जाती इस बिन को बाद में भी खोला जा सकता है और यदि आवश्यक हो, तो डिलीट हुई फाइल या फोल्डर को फिर से पुराने स्थान पर स्टोर किया जा सकता है।



(vi) डाउनलोड Download


इसे पूर्व के विंडोज संस्करणों में My Download नाम से प्रदर्शित किया जाता था । Download  हमारा व्यक्तिगत (Personal) फोटो फोल्डर होता है। इसमें यूज़र द्वारा कम्प्यूटर पर डाउनलोड किये गए फाइल्स एवं फोल्डर को व्यवस्थित तौर पर रखा जा सकता है, वैसे तो कंप्यूटर पर फाइल को डाउनलोड करते समय किसी भी फोल्डर में सुरक्षित किया जा सकता है परन्तु कंप्यूटर द्वारा डाउनलोड करते समय डिफ़ॉल्ट फोल्डर के रूप में Download  ही प्रदर्शित होता है | 




[2] टास्कबार Taskbar

डेस्कटॉप पर सबसे नीचे की पट्टी को टास्कबार कहा जाता है। जब भी कोई प्रोग्राम स्टार्ट होता है या कोई विण्डो खोली जाती है, तो स्क्रीन पर सबसे नीचे टास्कबार में उस विण्डो को प्रदर्शित करने वाला एक बटन दिखाई पड़ता है। इस प्रकार टास्कबार हमें सभी स्टार्ट प्रोग्रामों पर तत्काल पहुँचने की सुविधा प्रदान करता है।

टास्कबार पर बाई ओर का पहला बॉक्स Start बटन होता है। उसके बाद सभी खुले हुए अथवा स्टार्ट हुए प्रोग्रामों के लिए एक-एक बॉक्स या बटन होता है। जब भी किसी विण्डो से किसी दूसरे प्रोग्राम या विण्डो में जाना होता है, तो केवल टास्कबार में उस प्रोग्राम या विण्डो के बॉक्स को क्लिक कर दिया जाता है। जब किसी विण्डो को बन्द (Close) करते हैं, तो टास्कबार से उसका बटन गायब हो जाता है।

यूज़र जो कार्य कर रहा है, उस पर निर्भर करते हुए टास्कबार के दाएँ कोने, जिसे नोटिफिकेशन एरिया (Notification Area) कहते हैं, उसमें अन्य चिह्न भी दिखाई देते हैं, जैसे- प्रिण्ट कार्य को व्यक्त करने वाला प्रिण्टर या पोर्टेबल कम्प्यूटर प्रदर्शित करने के लिए एक बैटरी, अन्तिम सिरे पर एक डिजिटल घड़ी (Digital Clock) दिखाई जाती है, सेटिंग देखने या बदलने के लिए इन आइकन्स का प्रयोग किया जाता है।



[3] स्टार्ट मेन्यू Start Menu 

जब टास्कबार के बाएँ सिरे पर बने Start बटन को क्लिक करते हैं, तो स्क्रीन पर स्टार्ट मेन्यू खुल जाता है। यह मेन्यू वास्तव में पूरे कम्प्यूटर का एक सुविधाजनक नियन्त्रण केन्द्र (Controller Center) है। कम्प्यूटर के सभी कार्य या क्रियाकलाप सामान्यतया इसी मेन्यू से प्रारम्भ किए जाते हैं। यह मेन्यू निम्न विण्डो की तरह दिखाई देता है।


स्टार्ट मेनू में प्रोग्राम्स को सुविधा अनुसार पिन किया जा सकता है जिससे उन्हें प्रारंभ करना और भी सुविधाजनक जो जाता है ।  इस मेन्यू में दो कॉलम होते हैं। जिनमे प्रोग्राम्स के आइकन्स दिखाए जाते हैं। उनमें से किसी भी आइकन को क्लिक करके सम्बन्धित प्रोग्राम को स्टार्ट किया जा सकता है। माउस की सहायता से स्क्रोल करते हुए इससे कम्प्यूटर में इनस्टॉल किए हुए समस्त प्रोग्राम्स की सूची खुल जाती है। इस सूची के किसी भी प्रोग्राम को क्लिक करके उसे प्रारम्भ कर सकते हैं। कुछ प्रोग्रामो को समूहों में बाँटकर फोल्डर्स में रखा गया है। जब माउस प्वॉइण्टर को ऐसे किसी फोल्डर पर लाते हैं, तो उसके कन्टेन्ट अर्थात् उसमें शामिल प्रोग्रामों के नाम खुल जाते हैं, अब उनमें से किसी भी प्रोग्राम को ऑन कर सकते हैं। 

[4] कण्ट्रोल पैनल Control Panel

This PC  का सबसे महत्त्वपूर्ण प्रोग्राम कण्ट्रोल पैनल है, जिससे हम अपने कम्प्यूटर के हार्डवेयर तथा सॉफ्टवेयर को भिन्न-भिन्न प्रकार से व्यवस्थित कर सकते हैं।

यह एक प्रकार की एप्लीकेशन विण्डो है, जो कम्प्यूटर की हार्डवेयर/सॉफ्टवेयर सेटिंग में परिवर्तन करने के लिए प्रयोग की जाती है। कण्ट्रोल पैनल को खोलने पर निम्न स्क्रीन प्रदर्शित होती है



कण्ट्रोल पैनल

इसमें अनेक हार्डवेयर डिवाइस के चित्र प्रदर्शित होते हैं। इन चित्रों पर डबल क्लिक करने पर सम्बन्धित विण्डो Open हो जाती है एवं यूज़र अपने अनुसार इनकी सेटिंग को परिवर्तित कर सकता है।

इसमें अनेक हार्डवेयर डिवाइस के चित्र प्रदर्शित होते हैं। इन चित्रों पर - Double Click करने पर संबंधित विण्डो Open हो जाती है एवं यूजर अपने अनुसार इनकी सेटिंग को बदल सकता है। Control Panel के प्रमुख Object निम्न है -

(a) Fonts- Font Folder में जाकर हम किसी Font विशेष के सभी अक्षरों की Style देख सकते हैं अथवा नए Font जो बाजार में उपलब्ध है, को भी Install कर सकते हैं।

(b) Mouse- इस ऑप्शन का प्रयोग कर हम माउस की गति व Double Click की गति को परिवर्तित कर सकते हैं एवं इस कमाण्ड से हम Left एवं Right Click के कार्य को भी बदल सकते हैं।

(c) Device And Printer- इसके द्वारा नए प्रिंटर को Install व पुराने प्रिंटर को हटाने तथा Test Page Printing जैसे कार्य किए जा सकते हैं।

(d) Date / Time - इस Option के द्वारा कम्प्यूटर की Date व Time को सेट किया जा सकता है।

(e) Sound - इस Option की सहायता से अलग-अलग Events के लिए अलग-अलग Sound सेट की जा सकती है। इसके लिए कम्प्यूटर मे Sound Card का होना आवश्यक है।

(f) Display- इस कमाण्ड की सहायता से Monitor के Display को बदला जा सकता है व Window के पीछे की स्क्रीन, स्क्रीन सेवर आदि को Set किया जा सकता है।

(g) System- इस कमाण्ड की सहायता से कम्प्यूटर की भिन्न-भिन्न सूचनाओं एवं कम्प्यूटर में लगे हार्डवेयर के बारे में पता लगाता है। 

(h) Language And Regional Setting Properties- इस कमाण्ड की सहायता से क्षेत्रीय सेटिंग को बदला जाता है जैसे Currency, Symbol, Date and Time के प्रदर्शन का तरीका आदि।

(i) Network And Sharing Center - इस कमाण्ड की सहायता से नेटवर्क के हार्डवेयर व सॉफ्टवेयर को बदला या व्यवस्थित किया जा सकता है।

(j) User Account - इस कमाण्ड की सहायता से नए User Create किए जा सकते हैं एवं Password व Security Option में बदलाव किया जा सकता है।

[5]  इंटरनेट एक्सप्लोरर (Internet Explorer) 


इंटरनेट एक्सप्लोरर सर्वाधिक प्रयोग में लिए जाना वाला वेब ब्राउजर  प्रोग्राम कहा जा सकता है। वेब ब्राउजर (Web Browser) एक ऐसा प्रोग्राम होता है जिसकी सहायता से यूजर WWW( World Wide Web) पर उपस्थित विभिन्न वेब पेजो अथवा दस्तावेजों को देख सकता है एवं इनसे अन्तःक्रिया (Interact) कर सकता है तथा सूचनाओं का आदान-प्रदान कर सकता है।



[6] विण्डोज एक्सप्लोरर (Windows Explorer)

हम Windows Explorer के द्वारा अपने Personal Folder एवं Shared Document Folder को खोल सकते हैं।  Windows Explorer को Open करने के बाद निम्न विण्डो प्रदर्शित होगी Windows एक्सप्लोरर विण्डो के दो भाग होते हैं 

1 फोल्डर बॉक्स (Folder Box)
2 कटेन्ट्स बॉक्स (Contents Box)


1. फोल्डर बॉक्स (Folder Box) - एक्सप्लोरर विण्डो के बाए भाग को Folder Box कहते हैं। यह हमें सभी फोल्डर की ट्री स्ट्रेक्चर (List) को प्रदर्शित करता है।

2. कंटेन्ट्स बॉक्स (Contents Box) - एक्सप्लोरर विण्डो के दाएं भाग को Content Box कहते हैं। Folder Box के + पर Click करके उस Folder की अन्य समस्त Tree Structure खुल जाती है एवं Select किए गए फोल्डर/ ड्राइव आदि को समस्त Files, Icons या Contents को Contents Box प्रदर्शित करता है।

Windows Explorer हमें अपने कम्प्यूटर पर उपलब्ध Folder, Files तथा अन्य संसाधनों को देखने का सुलभ तरीका बताता है। इसके द्वारा किसी भी File तथा Folder को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाना आसान होता है। यह एक फाइल मैनेजमेंट प्रोग्राम होता है।


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